Friday, 20 December 2019

भारत के गद्दार कौन है ?

पार्ट 1 ( इतिहास के संदर्भ में भूमिका के लिए ) 

● थोड़ा हम इतिहास में झांक करके देखते है ... अपना भारत सदियों से गुलाम रहा है ... हर राजा दूसरे राजा पर अधिकार करने के लिए तत्पर रहता था , किसी भी राजा को प्रजा हित से कोई मतलब नहीं था , सब के सब अपने स्वार्थों को पूरा करने में व्यस्त थे चाहे शिवाजी महाराज हो या औरंजेब हो या कोई अन्य !! ... फिर मुगलो ने भारत को गुलाम करके रखा था और अंग्रेजों ने पूरे देश पर एकछत्र राज किया था . भारत उन चंद राज्यों में शामिल है जिस पर सदियों से विदेशी शासन था ।
अब यहाँ यह सवाल जरूरी है कि भारत इतने वर्षों तक गुलाम क्यो रहा ? अर्थात भारत के गद्दार कौन है ?

◆  जब - जब भारत ने अपने आप को स्वतंत्र करवाने की कोशिश की थी तब तब किसी गद्दार ने भारत को धोखा दिया था ।   महाराणा प्रताप सिंह हो या रानी लक्ष्मीबाई सभी लोग अपने गद्दारों के धोखा देने के कारण ही परास्त हुए थे ।

● स्वतंत्रता संग्राम के दौर में भी तमाम ऐसे भारतीय थे जो चंद रुपयों के लिए अपने देश से गद्दारी करते थे । ... अंग्रेजों के भारतीय लोग इतने भक्त थे कि वे स्वतंत्रता सेनानियों के विरुद्ध गवाही भी देते थे । 

◆ जापान अपने लोगो के देश भक्ति के कारण आज एक उत्कृष्ट राष्ट्र बन गया है लेकिन मुझे कहने में जरा भी गुरेज नहीं है कि भारत के लोग बहुत स्वार्थी होते है , भारत के अधिकांश लोग केवल अपने हित के बारे में सोचते है !!

 पार्ट 2 : स्वतंत्र भारत / वर्तमान भारत 

 ● भारत के अधिकांश लोग इतने गरीब व अनपढ़ है कि वे केवल रोटी - कपड़ा और मकान में लगे रहते है ... आज के युग मे नौजवान सैड स्टेटस अपडेट करने में व्यस्त है !!

◆  यहाँ लोकतंत्र का मजाक बनाया जाता है क्योंकि यहाँ चुनावों में अधिकतम 50 - 60% मतदान होता है , अधिकांश मतदाताओं को अपना नाम भी लिखने नहीं आता है , चुनाव / काउंटिंग की व्यवस्था दोषपूर्ण हैं ।

●  यहाँ लोग खुद गलत को गलत बोलते नहीं है , अगर कोई गलत के खिलाफ आवाज उठाता भी है तो लोग उसे ही रोकने लगते है कि तुम से क्या करना है ?

 2012 का निर्भया कांड याद ही होगा !! तमाम लोग चुप्पी साधे हुए थे ... तमाम तथाकथित बड़े लोग भी ऐसे मुद्दों पर चुप हो जाते है एकदम सन्न ... खैर उनकी सुरक्षा के लिए देश की 40 % फ़ोर्स ( पुलिस , अर्धसैनिक बल ) रिज़र्व है , उनकी बेटियां एकदम सुरक्षित है ।

★ आज दिसम्बर 2019 में कुछ लोग CAA / NRC का विरोध कर रहे हैं और कुछ लोग इसका समर्थन भी कर रहे है ... परंतु आज भी अधिकांश युवा लोग सैड स्टेटस अपडेट करने में व्यस्त है , आज भी अधिकांश लोग सोच रहे है कि इससे मुझे क्या ? जो होगा देखा जाएगा ..!  जैसे कि भारत के लोग गुलामी सहने के लिए पैदा हुए है ... कभी राजतंत्र की गुलामी तो कभी लोकतंत्र के नाम पर नेहरू - गांधी परिवार की गुलामी  और  आज देश हित के झूठे वादे के नाम भी  मोदी - शाह की गुलामी ..!

★ क्या लोकतंत्र में सत्ता कुछ गिने चुने लोगो की गुलाम हो सकती है ?
 मुझे भारत बहुत प्यारा है इसीलिए मैं समझता हूँ कि हमे हर एक मुद्दे पर खुल करके अपनी व्यक्तिगत राय रखनी चाहिए  ( आपकी राय पक्ष में या विपक्ष में हो सकती है , यह आपको तय करना है ) ।

★  लोकतंत्र में सरकार का विरोध करना , देशद्रोह नही होता है ।
 यह राजतंत्र नहीं है कि राजा के विरोध को देशद्रोह मान लिया जाए । 
 गरीब व अनपढ़ लोगो की बात छोड़िए , तमाम ऐसे पढ़े लिखे लोग भी है जो अपने विचार को नहीं प्रगट करते है ।
    ऐसे पढ़े लिखे लोग " पशुओं " से भी अधिक बेकार है ।

क्या केवल " भारत माता की जय " बोलना ही देश भक्ति है ?

#BhartenduVimalDubey

No comments:

Post a Comment