Friday, 6 December 2019

भारत की राजनीति व्यवस्था दोष रहित है ?

• विधायकों के खरीद - फरोख्त को रोकने के लिए सबसे पहले राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र स्थापित करने की जरूरत है ।

• संविधान के अनुसार , मुख्यमंत्री का चुनाव विधायक करते है लेकिन वास्तव में ऐसा नही होता है और पार्टी अध्यक्ष द्वारा विधायकों पर मुख्यमंत्री थोप दिया जाता है और फिर व्हिप जारी कर दिया जाता है कि आमुक व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना है , बिचारे विधायक भी दल - बदल कानून के तहत सदस्यता ना जाये इसीलिए वे भी चुप हो जाते है । इस आलाकमान वाले व्यवस्था को बिना हटाये विधयकों के खरीद फरोख्त को नही रोक जा सकता है ।

• आज के आलाकमान वाले युग में विधायकों और सांसदों की अपनी कोई राय ही नहीं है , विधायक और सांसद अपने पार्टी अध्यक्ष के हाथों की कठपुतली मात्र बन कर रह गए है । कब तक नीतियों को बनाने में विधायकों और सांसदों की राय ना जानी जाए तब तक ऐसे अनैतिक कार्य होते ही रहेंगे ।

• ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे राजनीतिक दल केवल अविश्वास प्रस्ताव ( ऐसे प्रस्ताव जिसमें सरकार का बने रहना या गिरना निश्चित होता हो ) के समय ही व्हिप जारी कर सके , बार बार व्हिप जारी करने के स्थिति में विधायक और सांसद कठपुतली मात्र रह जाते है ।


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