Saturday, 23 November 2019

महाराष्ट्र : शरद पवार NCP को बचाने में हुए कामयाब ?

◆ सरकार ( मुख्यमंत्री ) जनता के वोट से नहीं बल्कि विधयकों के जोड़ - तोड़ से बनती है ।  हमे ये किसने सिखाया ?
: माननीय अमित शाह जी ने

● आधी रात में रक्षक ( सरकार ) भक्षक बन सकते है ।  ये किसने सिखाया ?
:- नरेंद्र मोदी की सरकार ने

◆ आप अपने सभी पापों को कैसे धो सकते है ?
:- बीजेपी जॉइन करके

● आर्थिक मंदी को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था कौन कह सकता है ?
:- श्रीमती निर्मला सीतारमण जी

◆ ग्लोबल हंगर इंडेक्स को जूठा कौन कह सकता है ?
:- मोदी भक्त

● क्या दिल्ली के प्रदूषण के लिए केवल अरविंद केजरीवाल की सरकार दोषी है ?
:- नहीं, क्योंकि केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री से अधिक उपराज्यपाल का महत्व होता है ।

उपराज्यपाल और राज्यपाल गण महामहिम राष्ट्रपति ( केंद्रीय मंत्रिमंडल ) के प्रति जबाब देह होते है । 

#BVD26

Friday, 22 November 2019

महाराष्ट्र : नेवले और साँप की दोस्ती

वर्तमान राजनीति परिस्थितियों को देखते हुए मैं कहना चाहूंगा कि सरकार को राजनीति शास्त्र के विषय वस्तु से कोरी कल्पना को हटा के यथार्थ को पढ़ाया जाना चाहिए ।

◆ लोकतंत्र की परिभाषा क्या है ?
:- जोड़ो , तोड़ो , पैसे दे कर , EVM हैक करके कुछ भी करके बस सरकार बना लो और जनता के पैसों का इस्तेमाल जनता को सताने के लिए करो 😂

● बीजेपी व अन्य पार्टियों की विचारधारा
:- किसी तरह सत्ता प्राप्त करो ।   सारे फैसले एक - दो लोग मिलकर ही लेते है तो फिर इतने सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों की क्या आवश्यकता है ?

◆ क्या कभी नेवला और साँप की दोस्ती हो सकती है !
:- बिल्कुल हाँ
1. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की दोस्ती
2. बीजेपी और पीडीपी की दोस्ती
3. जेडीयू और आरजेडी की दोस्ती

ये तीनो घटना क्रम देख करके लगता है कि हर किसी की दोस्ती हो सकती है ।

 4. एनसीपी और बीजेपी की दोस्ती
5. जेजेपी और BJP की दोस्ती

अब कांग्रेस और बीजेपी की दोस्ती देखना बाकी है बस  😅

Sunday, 17 November 2019

सबरीमाला मंदिर , मस्जिद , ढोंग , राजनीति और संविधान !!

● क्या आस्था के नाम पर महिलाओं को किसी भी धार्मिक स्थलों पर जाने से रोका जा सकता है ?
:- अगर आप इसका जबाब हाँ में देंगे तो फिर आपके अनुसार आस्था के नाम पर शती प्रथा , बहु-विवाह , बाल-विवाह इत्यादि भी जायज ही होगा ?

◆ मैं ऐसे किसी भी भगवान की पूजा करना पसंद नही करूंगा जो मेरे जन्मदाता अर्थात मेरी माँ , मेरे बचपन की दोस्त अर्थात मेरी बहन , मेरे जीवन संगनी अर्थात मेरी पत्नी व अन्य के साथ भेदभाव करे ।
क्या आप ऐसे भगवान की पूजा करना पसंद करेंगे ?

● एक तरफ आप माँ के ऊपर लिखे कविताओं - गानों को पढ़ करके - गा करके भावूक होने का ढोंग करते है और दूसरी तरफ आप कहते है कि माताओं को सबरीमाला मंदिर , मस्जिदों व अन्य तथाकथित धर्म स्थलों में नहीं जाना चाहिए ।
◆ मेरे हिसाब से आज के 21वीं सदी में आस्था या अन्य किसी भी तथ्यों के आधार पर महिलाओं - पुरुषों या समलैंगिको ( या किसी भी लिंग ) में भेद नहीं किया जाना चाहिए ।
और ना तो हिन्दू - मुस्लिम व अन्य समुदायों में किसी प्रकार का अंतर किया जाना चाहिए । 

Saturday, 16 November 2019

चितम्बरम केस में न्यायधीश बिके हुए है ?

◆ कोई भी केंद्रीय मंत्री सीधे किसी ममले पर फैसला नही करता है, तमाम अधिकारियों और सचिवों के हस्ताक्षर के बाद ही कोई मंत्री हस्ताक्षर करता है तक फिर बिना अधिकारियों पर शक किये डायरेक्ट मंत्री पर शक कैसे किया जा सकता है ? क्या केवल इस लिए की लोकतांत्रिक देशों में जनता राजनीतिकों से डायरेक्ट जुड़ी होती है इसीलिए मंत्री ही जिम्मेदार है ? अब ये कहाँ तक सही है और कहाँ तक गलत इसपर एक छोटे से ब्लॉग में कहना पॉसिबल नही है ।

● हाई कोर्ट ने चितम्बरम से जुड़े एक फैसले में किसी दूसरे केस से जुड़े तथ्यों को कॉपी-पेस्ट किया है इसीलिए तमाम गणमान्य लोगों के द्वारा सवाल किया जा रहा कि क्या न्यायाधीशों को खरीदा जा सकता ??

◆ एक सम्बंधित तथ्य ये भी है कि अक्सर C.B.I और अन्य केंद्रीय एजेंसियों पर सत्ताधारी राजनीतिक दलों के प्रभाव का आरोप क्यो लगता है ?
C.B.I , E.D और अन्य एजेंसियों के काम करने का तरीका क्या है ?
क्या प्रधानमंत्री और सत्ताधारी राजनीतिक व्यक्ति केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग अपने राजनीति फायदे के लिए कर सकते है ?

● क्या वकील संवर्ग हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीश नियुक्त होने के लिए " कोलॉजियम " को प्रभावित करने का प्रयास करते है ?
महामहिम राष्ट्रपति की मंत्रिमंडल किस आधार पर " कोलॉजियम " के सिफारिश को ना मंजूर करती है ?

◆ अगला लेख होगा कि आखिर महाभियोग के कानून की क्या आवश्यकता है ?

नोट :- मैं किसी पार्टी विशेष या व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में नही लिख रहा हूँ । मैं भारतीय संविधान के द्वारा दिए गए अधिकारों व कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए अपने स्वत्रंत विचार रख रहा हूँ । 

Friday, 8 November 2019

फेक न्यूज़ व अफवाहों को कैसे पहचाने ?

हर एक बड़े फैसले के पहले देश के गणमान्य लोगों द्वारा अपील किया जाता हैं कि अफवाहों पर विश्वास ना करे लेकिन यहाँ एक प्रश्न ये उठता कि अफवाहों और रियलिटी में अंतर कैसे करे ? आइए हम समझने का प्रयास करें कि अफवाह और रियलिटी में अंतर कैसे करे ..।
👉 प्रायः अफवाह वाले मैसेज में दिनांक नहीं लिखा होता है :- जैसे की आपको मैसेज मिलता होगा कि किसी राजेश कुमार का 12वीं का रिजल्ट गायब हो गया लेकिन आपको ऐसे मैसेज में डेट नही दिखता होगा कि कब गायब हुआ । प्रायः 2016 के गायब हुए रिजल्ट को 2018 का बता करके वायरल किया जाता है ।
👉 प्रायः अफवाह वाले सूचनाओं में ये नहीं लिखा होता है कि ये सूचना किसके द्वारा प्रेषित किया गया है अर्थात अफवाहों में सोत्रो का नाम नही लिखा होता है ।
👉 आये दिन महीनों पुराने एक्सीडेंट के मामलों को आज - कल का बता करके वायरल किया जाता है लेकिन ऐसे किसी भी अफवाह में डेट और प्रेषित करने वाले का नाम नहीं होता है और ऐसे खबरों में एडिट भी किया होता है ।
👉 आप वायरल खबर को गूगल पर सर्च कर सकते है अगर किसी मीडिया घराने के वेबसाइट पर उस खबर से जुड़ा कोई तथ्य नहीं है तो वो खरब फेक है ।
👉 प्रायः लोग बिना पूरे मैसेज को पढ़े ही फॉरवर्ड कर देते है । अतः बिना पूरे पढ़े - समझे किसी भी खबर को साझा ना करें ।

#BVD26

सिख धर्म और हिन्दू धर्म का कनेक्शन

आज 9 नवम्बर 2019 को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह करतारपुर साहिब के भारतीय हिस्से का करेंगे उद्घाटन और
आज के दिन ही देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट देश की सबसे बड़ी विवाद अयोध्या मामले पर फैसला सुनाएगा ।

यहां बता दे कि सिख धर्म और हिन्दू धर्म का घनिष्ठ संबंध है ।
 ऐसा माना जाता है कि सिख धर्म के धर्म गुरु श्री राम के वंशज थे ।
इस बीच पाकिस्तान पर आरोप लगाया जा रहा है कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल आतंक फैलाने के लिए कर सकता है ।
इधर नेपाल और पाकिस्तान ने भारत सरकार द्वारा जारी भारत के नए मानचित्र पर सवाल खड़े किए हैं ।

नोट :- सिख धर्म और हिन्दू धर्म मे क्या सम्बंध है और क्या नही हम इसकी पुष्टि नही करते है ।

#BVD26

Monday, 4 November 2019

क्या अयोध्या विवाद का समाधान होगा ?

भला राम - जन्मभूमि से जुड़े विवाद से कौन परिचित नहीं होगा ?
शायद ये दुनिया का सबसे पुराना विवाद है ।

अयोध्या में राम मंदिर बने या फिर मस्जिद मुझे कोई फर्क नही पड़ता है , मैं तो केवल इतना चाहता हूँ कि दंगा - फ़साद में निर्दोष लोगों की जाने ना जाएं ।
किसी स्त्री को बिना कारण विधवा ना होना पड़े ।

क्योकि किसी भी धर्म का सिद्धांत निर्दोष लोगों की जान लेने की आज्ञा नही देता है ।
धर्म एक जीवन शैली है ।
प्रायः सभी धर्मों की मूल - भावना एक ही है :- शांतिपूर्ण वातावरण , परोपकार , मानवता , दयालुता और सभी का भला हो ।

ईश्वर - अल्लहा तेरो नाम , सबको सन्मति दे भगवान ।
सबको सन्मति दे भगवान , सारा जग तेरी सन्तान ।

जारी है ...

नोट :- उपरोक्त लेख से असहमत लोगों से मेरा प्रश्न है कि क्या मंदिर / मस्जिद के लिए लाखों इंसानों को बलि चढ़ाई जा सकती है ??

Team #BVD26