कई बार मंत्री / संत्री खुद प्रदर्शन स्थल पर जा करके ही प्रदर्शकारियों से बात करते है क्योकि सभी लोकतांत्रिक देशों में सरकार को जनता का सेवक समझा जाता है ।
किंतु 2015 के बाद यह नियम शायद खत्म हो गया है, अब सरकार के द्वारा बात करने के जगह पर प्रदर्शनकारियों को बदनाम किया जाता है ।
अभी मोदी सरकार के द्वारा "कृषि अध्यादेश" लाने के समय से ही किसानों के द्वारा पंजाब, हरियाणा व देश के विभिन्न हिस्सों में धरना प्रदर्शन / आंदोलन किया जा रहा है, अब किसान दिल्ली में धरना प्रदर्शन / आंदोलन कर रहे है ... कोई भी मंत्री शायद ही किसानों से बात किया हो, ऐसे में सवाल है कि सभी मंत्री कहा है और क्या कर रहे है ?
1. "केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री" कैलाश चौधरी सब कुछ छोड़ छाड़ कर राजस्थान प्रधानी चुनाव में व्यस्त है ।
मतलब मंत्री जी को किसानों से बात करने, किसानों के सवालो का जवाब देने आदि से अधिक जरूरी "पंचायत चुनाव" लग रहा है ।
2. इधर देशभर के किसान व मजदूर नए कृषि कानूनों व लेबर कोड का विरोध कर रहे है तो उधर प्रधानमंत्री मोदी वैक्सीन का क्रेडिट लेने के लिए सीरम Institute में जा करके वैज्ञानिकों को सलाह दे रहे है, मतलब जिसके "Class 12" के डिग्री का ठिकाना नहीं है, वह वैज्ञानिकों को सलाह दे रहा है ।
3. वहाँ से आने के बाद वे देव-दीवाली मनाने काशी चले जाते है । किसानों का धरना प्रदर्शन बहुत दिनों से चल रहा है, अतः प्रधानमंत्री मोदी किसानों के समस्याओं को सुनने के बाद भी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी जा सकते थे । मैं किसी त्यौहार या धर्म पर टिप्पणी नहीं कर रहा हूँ ।
4. वैसे भी प्रधानमंत्री जब दिल्ली में थे तो भी कहा किसानो की सुन रहे थे ।
मोदी जी तो अपने एकतरफा "मन की बात" में किसानों को भ्रमित बता रहे थे और अपने आप को किसानों का हितैषी बता रहे थे ।
5. पूर्व थलसेना अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री VK सिंह ने कहा कि धरना प्रदर्शन करने वाले किसान है ही नहीं तो Telegraph ने जबरदस्त जवाब दिया है -
6. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदि सभी "हैदराबाद" चुनाव प्रचार में व्यस्त है .
अब हैदराबाद में वोटिंग हो गया है ।
7. अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी किसानों को गुमराह बता रहे है .
8. भारत में प्रधानमंत्री के अलावा कुल 54 केंद्रीय मंत्री है -
9. बाकी सभी मंत्री कहा है और क्या कर रहे है, आप खुद पता कीजिए -
साथ में ये भी पता कीजिए कि विपक्षी पार्टियों के नेतागण कहा है और क्या कर रहे है ?
सब के सब केवल चुनाव के समय ही "किसान - किसान" या "जनता - जनता करेंगे ?
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