कांग्रेस / BJP करते - करते आम जनता अक्सर अपने ही परेशानियों व मुद्दों को भूल जाती है जबकि राजनीतिक दल अपने स्वार्थ व सत्ता के लिए जनादेश को दरकिनार करते हुए किसी से भी गठबंधन कर लेते है इसीलिए यहाँ आपको राजनीति से परे जनता से जुड़े विषयो पर पढ़ने को मिलेगा - लोकतंत्र का ज़िंदा पहरुदार
Wednesday, 2 December 2020
किसानों के धरना प्रदर्शन के समय "मंत्रीगण" क्या कर रहे है ?
Sunday, 15 November 2020
क्या ओवैसी ने कहा है कि मोदी के साथ मिलकर करूंगा कांग्रेस का सफाया ? Fact Check
कांग्रेस की नाकामी, लेफ्ट का स्वार्थीपन, AIMIM का सेंधमारी या चुनाव धांधली :- महागठबंधन के हारने के पीछे का क्या कारण है ?
क्या परिणाम को सत्ताधारी NDA के पक्ष में करने के लिए चुनाव आयोग प्रशासन ने मतगणना में धांधली किया है ? बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में "EVM हैकिंग" से बड़ा "किस्सा" .. सबूतों के साथ -
Tuesday, 3 November 2020
चुनाव के दिन भी लाइव प्रचार, आयोग का पक्षपात रवैया, वोटिंग पद्धति, मौकापरस्त राजनीति, विचारधारा की ऐसी तैसी, अपराधियों को टिकट, EVM में गड़बड़ी, राज्यसभा का गणित, प्रधानमंत्री का सभी चुनावो में खटना : बिहार चुनाव 2020 समेत सभी चुनावो की यही घिसीपिटी कहानी
सुप्रीम कोर्ट केवल मोदी सरकार के पक्ष में बोलने वालों को ही "अभिव्यक्ति की आजादी" देता है और बाकी को दंडित करता है !! इस साल अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े दस मामलों का हाल -
जनवरी से लेकर अब तक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सुप्रीम कोर्ट में आए 10 मामलों की स्क्रूटनिंग से एक नए पैटर्न का पता चलता है :-
Wednesday, 28 October 2020
आज तक, ज़ी न्यूज़, News 24, ABP न्यूज़, Times Now व India TV ने माफ़ी क्यो माँगी ?
1. रजत शर्मा के इंडिया टीवी ने दिवंगत अभिनेता का शव दिखाने के लिए 27 अक्टूबर को सार्वजनिक माफी मांगी -
अथॉरिटी ने पाया कि इंडिया टीवी को NBSA के दिशा-निर्देशों का इस हद तक "उल्लंघन" किया था कि उसने अपने प्रोग्राम में बार-बार शव के होंठों के रंग और अभिनेता की गर्दन पर पड़े निशान का वर्णन किया था। इसने कथित रूप से शव को एक कपड़े से ढंका दिखाया, जिसे अपार्टमेंट से बाहर ले जाया जा रहा था ।2. ज़ी न्यूज़ को भी अभिनेता की मौत को सनसनीखेज बनाने के लिए 27 अक्टूबर 2020 को सार्वजनिक माफी मांगने को कहा गया है ।
2016 मे ज़ी न्यूज़ ने ही गौहर रजा व अन्य के कविताओं को अफजल गैंग का कविता पाठ करार दिया था , जिसके लिए ज़ी न्यूज़ ने अब माफ़ी मांगी है ।
लिंक - गौहर रजा ने ट्वीट करके व्यस्त किया खुशी .
3. न्यूज 24 अभिनेता की मौत के असंवेदनशील और सनसनीखेज कवरेज के लिए 29 अक्टूबर को सार्वजनिक माफी मांगे -
4. नकली ट्वीट्स को दिवंगत अभिनेता का बताने और उन्हें उनके अंतिम ट्वीट के रूप में रिपोर्ट करने के लिए आजतक 27 अक्टूबर को रात 8 बजे माफी मांगें और एक लाख रुपए का जुर्माना भरे -
5. अभिनेता की मृत्यु के कवरेज के आपत्तिजनक वीडियो को हटाने के निर्देश का एबीपी न्यूज अनुपाल करे -
6. Times Now ने लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता संजुक्ता बासु के खिलाफ अभ्रद भाषाओं का उपयोग किया था जिसके खिलाफ "बासु" ने NBSA में शिकायत किया था , कार्ययवाही ना होते देख Sanjukta Basu ने सुप्रीम कोर्ट में अपील किया था , फिलहाल NBSA ने Times Now से माफी माँगने को कहा है ।
लिंक - हालांकि संजुक्ता सुप्रीम कोर्ट से अपने याचिका को वापस नहीं लेंगी .नोट - Times Now व अन्य न्यूज़ चैनलों ने माफ़ी माँगते हुए भी चालाकी दिखाने का प्रयास किया है । न्यूज़ चैनलों ने माफ़ी माँगते हुए NBSA के सभी निर्देशों का पालन नहीं किया है । अब यह देखना दिलचस्प होगा कि NBSA व याचिकाकर्ताओं का अगला कदम क्या होता है ।
नोट - अर्नब गोस्वामी का Republic नेटवर्क NBA का सदस्य नहीं है इसीलिए NBSA सबसे जहरीले Republic व R भारत के खिलाफ कोई फैसला नहीं दे सकता है ।
हालांकि Republic नेटवर्क TRP धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी है जिसके खिलाफ मुंबई पुलिस का जाँच जारी है । कुछ लोगो ने न्यायालय में भी याचिका दायर की है ।
गौरतलब हो कि इसके पहले Republic News के अर्नब गोस्वामी ने 9 बजे के प्राइम टाइम में गुजरात चुनाव के दौरान ABP न्यूज़ के पत्रकार को गुंडा कहने के लिए माफ़ी मांगी थी, इसके अलावा भी Republic नेटवर्क कई अवसरों पर माफ़ी मांग चुका है । अर्नब ने माफ़ी माँगी - जनसत्ता
NDTV जैसे कुछ गिने चुने ब्रॉडकास्टर को छोड़ करके लगभग सभी न्यूज़ चैनल हमेशा On Air अपराध करते है और फिर माफ़ी माँगते है । सोशल मीडिया पर NDTV ने भी कई बार MLA को MP बताने जैसा छोटी - मोटी गलतियां कर चुका है । भाजपा सरकार में NDTV पर एक दिन के लिए प्रतिबंध लगाया जा चुका है, लेकिन ऑथोरिटी ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया था ।
YouTube पर अनेकों बड़े बड़े चैनल है जो अक्सर फर्जी, भ्रामक, असत्य, अर्धसत्य खबरों को दिखाते है, Twitter, Facebook, Instagram पर भी प्रोपेगैंडा फैलाने वाले एकाउंट है, जिन पर कोई लगाम नहीं है । विपक्ष के प्रोपेगैंडा वाले एकाउंट पर तो कार्यवाही भी हो जाता है लेकिन सत्तापक्ष के प्रोपैगैंडा पर कोई रोक नहीं है ।
सोत्र / इनपुट - LiveLaw.in , BarAndBench.com .
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Word Press - Bhartendu Vimal Dubey .
YouTube - Bhartendu Vimal Dubey .