Wednesday, 11 December 2019

ये पत्रकारिता नहीं चाटुकारिता है ! ये गोदी मीडिया है !

    ये पत्रकारिता नहीं चाटुकारिता है ! 
     ये मीडिया नहीं गोदी मीडिया है !!

 भूमिका : लोकसभा और उसके बाद  राज्यसभा से नागरिकता संसोधन बिल 2019 पास हो गया , मैंने सोचा थोड़ा न्यूज़ चैनल देख लिया जाए ... अब आइए बात करते है कि न्यूज़ चैनलों पर क्या दिखाया जा रहा है !!

 ◆1◆ मैंने पहले ABP न्यूज़ लगाया तो देखा कि रुबिका लियाकत एक न्यूज शो कर रही है जिसके पीछे बैनर पर लिखा है " CAB2019 पर सियासत क्यो " मतलब की रुबिका जी पहले से धरणा बना के बैठी है कि इस पर विपक्ष सियासत कर रहा है ।  फिर रुबिका जी कहती है कि कल मेरे डिबेट का टाइटल था कि विपक्ष पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है और आज प्रधानमंत्री भी बीजेपी के संसदीय दल के बैठक में कहते है कि विपक्ष पाकिस्तान की बात कर रहा है " ABP न्यूज़ आपको रखे आगे "
रुबिका जी ने एक विपक्ष के नेता से पूछा कि आप लोग राजनीति क्यो कर रहे है ? और फिर जब विपक्ष के नेता ने कहा कि आप के बातों को प्रधानमंत्री कहते है और आप प्रधानमंत्री के बातो को कहती है और किसी की नही सुनती तो फिर रुबिका जी उनके माइक को बंद कर देती है ।
... अब आप खुद समझ सकते है कि ये पत्रकार है या बीजेपी प्रवक्ता ?
रुबिका समेत ABP न्यूज़ चैनल के लगभग सभी पत्रकार पहले से मान करके चलते है कि मोदी व अमित शाह जी जो कह दिए वो पत्थर की लकीर है और उसका विरोध करने वाले पाकिस्तान की भाषा बोलते है ।

 ● यहाँ ध्यान देने योग्य बात है कि बीजेपी आईटी सेल का मीडिया घरानों पर इतना प्रभाव है कि पुण्य प्रसून बाजपेई के " मास्टर स्ट्रोक " के समय ABP न्यूज़ चैनल का प्रसारण बंद हो जाता था और अंत मे पुण्य प्रसून बाजपेई जैसे सच्चे पत्रकार को ABP न्यूज़ और फिर अन्य सभी न्यूज़ चैनलों को छोड़ना पड़ा ।

■  विशेष नोट ★ वैसे भारत मे तो शुरू से ही पत्रकारिता निष्पक्ष नहीं रहा है , सब सत्ता के आगे मजबूर है और सत्ता पैसे के आगे मजबूर है ।   सब राजनीति सत्ता का खेल है , अंतर केवल यह है कि कभी ये कांग्रेस की गुलाम थी और आज बीजेपी की गुलाम है और कल किसी और कि गुलाम होगी ... भारत मे साक्षरता दर बहुत ही कम है और उनमें भी इतने बारीक चीजो को समझने की काबलियत तो मुझ में भी नहीं ... यहाँ संक्षिप्त में कांग्रेस के कुचक्र का उल्लेख करना जरूरी था नहीं तो आप को लगता कि पहले ऐसे नहीं होता था , लेकिन मीडिया आज जितनी गुलाम है उतनी गुलाम तो इमरजेंसी के समय में भी नहीं थी , बीजेपी हमेशा इमरजेंसी काल का जिक्र करती है लेकिन आज की स्थिति उससे बहुत ही बद्तर है , आज तो मीडिया घराना न्यूज़ देने के बजाय सत्ता का गुण गान करने में व्यस्त है , मीडिया के अनुसार जो बीजेपी सरकार के खिलाफ बोले वे सभी देशद्रोही है ।  ... खैर आगे बढ़ते है

•2◆ फिर मैंने 'आज तक' लगाया , उस पर अंजना ओम कश्यप रिपोर्टिंग कर रही थी ।
आपको इनके बारे में पता ही होगा कि ये कितनी बड़ी भक्त है !  ये आज भी मौजूद सत्ताधारी दल बीजेपी से नहीं बल्कि कांग्रेस से प्रश्न करती है । 
  दरसल अंजना के पति को राजनाथ सिंह ने किसी अच्छे पद पर नियुक्ति दे दी है ना !!
अलका लांबा और अंजना का वायरल वीडियो तो आपने देखा ही होगा !!

● जब राजनाथ सिंह गृह मंत्री थे तब अंजना ओम कश्यप उनका इंटरव्यू लिया था और इनका एक प्रश्न था - " आपको नहीं लगता है कि कांग्रेस बहुत ही छोटी राजनीति कर रही है जो अमिताभ बच्चन पर सवाल खड़े कर दी ... " बेटी बचाओ अभियान " तो पूरे देश का अभियान है इसे एक व्यक्ति से जोड़ करके देखना कितना उचित होगा ... इस तरह देखा जाय तो सोनिया गांधी पर भी नेशनल हेराल्ड का केस है "
अब आप खुद निश्चित कीजिए कि ये राजनाथ सिंह जी से सवाल कर रही थी या फिर जबाब दे रही थी ?

( लेख को आगे बढ़ाने से निवेदन है कि आप Facebook , Instagram , Twitter etc. पर हमारे हैशटेग से जुड़े :- #BVD26 और #BhartenduVimalDubey  )

 ●3◆  अब बात ज़ी न्यूज़ ( चैनल ) की करे तो ज़ी न्यूज़ को एसेल ग्रुप चलता है जिसके मालिक सुभाष चंद्रा बीजेपी के समर्थन से राज्यसभा सांसद है   इसीलिए  इस चैनल के पत्रकार जीडीपी , छात्रों के प्रदर्शन , अर्थव्यवस्था इत्यादि को ना दिखा करके राम मंदिर , पाकिस्तान में टमाटर का भाव और किम जोंग उन के भविष्य के प्लान पर चर्चा करते है ।

◆4●  R भारत न्यूज़ चैनल जिसकी पहचान अर्बन गोस्वामी से है जो विपक्ष के लोगो को बोलने का मौका ही नहीं देते है ।
  ज़ी न्यूज़ के तरह ही इस चैनल पर भी प्रायः पाकिस्तान का ही न्यूज़ चलता रहता है ।

  ◆5◆  रजत शर्मा इंडिया टीवी के चेयरमैन है  और  ये इतने बड़े भक्त है कि इनको पद्म पुरस्कार भी मिल चुका , भक्ति के बल पर इनको DDCA में किये गए घोटालों से छुटकारा मिल गया ।


 ... अरे अभी गोदी मीडिया का लिस्ट बहुत बड़ा है , अभी इस लिस्ट में तमाम भक्तों का नाम नही आया है ।
 कृपया अन्य फर्जी पत्रकारों का नाम जोड़ करके इस गोदी मीडिया के लिस्ट को पूर्ण करने का प्रयास करें ।


■★  NDTV जैसे कुछ गिने चुने न्यूज़ चैनलों को छोड़ करके प्रायः सभी न्यूज़ चैनल पहले से ये मान करके चलती है कि अमित शाह जो कह रहे हैं वही सत्य है और जो सरकार से प्रश्न पूछता है वो पाकिस्तान की भाषा बोलता है ।
 यदा कदा अगर कोई पत्रकार सरकार से प्रश्न पूछता भी है तो बीजेपी आईटी सेल में दबाब के कारण सम्बंधित न्यूज़ चैनल पर बाबा रामदेव विज्ञापन देना बंद कर देते हैं और फिर उस पत्रकार को न्यूज़ चैनल मैनेजमेंट बाहर का रास्ता दिखा देता है ।   फिर भी कुछ पत्रकार अपने नौकरी को ताक पर रख करके निडरता से जनता के मुद्दे को उठाते है ।

★■  बीजेपी आईटी सेल के दबाब के कारण एनडीटीवी इंडिया जैसे चैनलों को बहुत ही सुस्त होना पड़ा   और  अभिसार शर्मा , पुण्य प्रसून बाजपेई  जैसे तमाम सच्चे पत्रकारों को न्यूज़ चैनलों से बाहर होना पड़ा ।
 खैर ये पत्रकार आज भी सोशल मीडिया के माध्यम से आम आदमी के लिए पत्रकारिता करते है ।

बीजेपी आईटी सेल सरकार से मिल करके सोशल मीडिया साइट्स से भी बीजेपी विरोधी तथ्यों को देश विरोधी तथ्य बता करके हटवाने का प्रयास करते रहते है ।

सम्भवतः इस लेख के बाद भक्तों द्वारा मुझे भी देशद्रोही घोषित कर दिया जाए !!

नोट :- आप से निवेदन है कि आप वोट किसी भी पार्टी को दे लेकिन गलत को गलत कहना सीखे ।
हमेशा सत्य के रास्ते पर चले क्योकि यहाँ सत्य के रास्ते पर भीड़ बहुत कम है ।
 कभी भी अपने देश के संविधान का उल्लंघन ना करे .... गौरतलब हो कि हम अपने देश के संविधान का और अपने देश के कानून का पालन करने के लिए बाध्य हैं ना कि  किसी दल विशेष की के विचारधारा को .

 धन्यवाद

 #BhartenduVimalDubey
#BVD26 

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