किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को संविधान के खिलाफ बोलने का कोई हक नही है .
केवल धर्म के आधार पर औरंगजेब या गोडसे या किसी अन्य को उचित नहीं कहा जा सकता है ।
हमारे संसद में अधिकतम ऐसे लोग है जिनके ऊपर किसी ना किसी प्रकार के मामले कोर्ट में लंबित है , ऐसे सभी लोगो के ट्रायल को पूरा करके सभी आरोपियों को चुनाव से दूर रखा जाए ।
कभी भी किसी भी प्रकार की कट्टरता किसी का भी भला नही कर सकता है ।
अगर कोई पवित्र संसद में गोडसे जैसे लोगो की महिमामंडन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया जाना चाहिए और अगर किसी सांसद के खिलाफ आपत्ति जनक शब्दो का उपयोग करे तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही किया जाना चाहिए ।
मीडिया को भी ऐसे निराधार मुद्दों पर चर्चा ना करके आम जनता के ऊपर वैज्ञानिक आधार पर चर्चा करना चाहिए ।
जिस चाँद को देखकर हिन्दू करवाचौथ , गणेश चतुर्थी अन्य त्यौहार मानते है उसी चाँद को देखकर मुस्लिम अपने त्यौहार ईद इत्यादि मानते है , इसलिए मैं हिन्दू - मुस्लिम से सम्बंधित सभी विवाद से दूर रहने का पक्षधर हूँ । वैसे भी हम जैसे आम लोगो को गोडसे , औरंगजेब , मंदिर - मस्जिद जैसे मामलों से कोई लेना देना नहीं है ।
हमारा उद्देश्य किसी के भावनाओं को ठेस पहुंचाना नही है , ना तो हम किसी की आलोचना कर रहे है । हम तो केवल ये चाहते है कि देव - परी के मुद्दों को छोड़करके लौकिक मुद्दों ( रोटी , कपड़ा - मकान ) पर ध्यान दिया जाए और सरकार का यही काम भी है ।
केवल धर्म के आधार पर औरंगजेब या गोडसे या किसी अन्य को उचित नहीं कहा जा सकता है ।
हमारे संसद में अधिकतम ऐसे लोग है जिनके ऊपर किसी ना किसी प्रकार के मामले कोर्ट में लंबित है , ऐसे सभी लोगो के ट्रायल को पूरा करके सभी आरोपियों को चुनाव से दूर रखा जाए ।
कभी भी किसी भी प्रकार की कट्टरता किसी का भी भला नही कर सकता है ।
अगर कोई पवित्र संसद में गोडसे जैसे लोगो की महिमामंडन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया जाना चाहिए और अगर किसी सांसद के खिलाफ आपत्ति जनक शब्दो का उपयोग करे तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही किया जाना चाहिए ।
मीडिया को भी ऐसे निराधार मुद्दों पर चर्चा ना करके आम जनता के ऊपर वैज्ञानिक आधार पर चर्चा करना चाहिए ।
जिस चाँद को देखकर हिन्दू करवाचौथ , गणेश चतुर्थी अन्य त्यौहार मानते है उसी चाँद को देखकर मुस्लिम अपने त्यौहार ईद इत्यादि मानते है , इसलिए मैं हिन्दू - मुस्लिम से सम्बंधित सभी विवाद से दूर रहने का पक्षधर हूँ । वैसे भी हम जैसे आम लोगो को गोडसे , औरंगजेब , मंदिर - मस्जिद जैसे मामलों से कोई लेना देना नहीं है ।
हमारा उद्देश्य किसी के भावनाओं को ठेस पहुंचाना नही है , ना तो हम किसी की आलोचना कर रहे है । हम तो केवल ये चाहते है कि देव - परी के मुद्दों को छोड़करके लौकिक मुद्दों ( रोटी , कपड़ा - मकान ) पर ध्यान दिया जाए और सरकार का यही काम भी है ।
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