Sunday, 26 January 2020

" हिजड़ा " समुदाय और वंशावलि वाली NRC

अभी तक आप " CAA / NPR / NRC " पर कई तरह के ब्लॉग्स पढ़े होंगे , मीडिया के डिबेट भी देखे होंगे लेकिन आप को " हिजड़ा समुदाय " के समस्याओं पर जानकारी नहीं होगा ।
भारत समेत पूरी दुनिया मे महिला और पुरूष के अलावा तीसरा लिंग समुदाय भी रहता है ।
आपको पता ही होगा कि अगर किसी के घर कोई हिजड़ा पैदा होता है तो उसे बचपन मे ही घर से निकाल दिया जाता है ,
और अगर असम के तर्ज पर पूरे भारत मे " NRC " लागू हुआ तो इस समुदाय के लोग अपनी वंशावलि कैसे साबित करेंगे ?
क्या आपको लगता है कि कोई सरे आम यह स्वीकार कर पायेगा की ये " असमान्य " बच्चा हमारा है ?
हिजड़ा समुदाय तो पहले से ही भारत मे गुमनामी का जीवन व्यतीत करते हैं , इन्हें कोई अपने यहाँ नौकरी पर रखना पसन्द नहीं करता है ।
बाकी आप तो सब जानते होंगे कि यह समुदाय किस तरह अपना गुजारा करता है ।
क्या सरकार या विपक्ष ने इस पिछड़े समुदाय के बारे में सोचा है ?
बिकी हुई मीडिया से कुछ उमीद करना ही बेकार है ।

नोट :-
लोग हिजड़ो को छक्का और 3rd Gender ( तीसरा लिंग ) भी कहते है ।
मैं जब " हिजड़ा समुदाय " का उपयोग करता हूँ तो उसमें मैं समलैंगिकों ( Gays ) को , Bisexuals को , Bromances आदि को भी शामिल करता हूँ ।

* मैं " असमान्य बच्चा " का उपयोग इसीलिए किया हूँ क्योकि लोग समाज मे केवल " पुरुष " और " महिला " को ही देखना चाहते है और बाकी लोगो को " असमान्य " मानते है ।
इतने पिछड़े समुदाय पर " NRC " जैसे कानून का क्या असर पड़ेगा ?

धन्यवाद

Instagram 🆔 " Bhartendu Vimal Dubey "


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