कुछ बुनियादी किंतु गम्भीर प्रश्न :-
सांसदों और विधायकों का मुख्य काम होता है कानून का निर्माण करना ...
क्लोजिएम प्रणाली में भाई - भतीजावाद ...
सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के जजों पर विश्लेषण कर लीजिए , एकदम मन चाहा नियुक्ति होती है , निश्चित नियम - कानूनों का घोर अभाव है ...
★ मूलभूत कानूनों व संवैधानिक व्यवस्थाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से सभी विषय वर्ग के विद्यार्थियों को दिया जाना चाहिए .
ऐसे तमाम छोटे - छोटे किंतु महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से ही सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है ।
" Instagram 🆔 Bhartendu Vimal Dubey "
- एक मतदाता दो जगहों पर मतदान नहीं कर सकता है तो फिर एक व्यक्ति दो जगहों से चुनाव कैसे लड़ सकता है ?
- क्या बलात्कार के आरोपियों को चुनाव लड़ने या वोट देने का अधिकार होना चाहिए ?
सांसदों और विधायकों का मुख्य काम होता है कानून का निर्माण करना ...
- तो क्या गवार / निरक्षर सांसद व विधायक कानून का निर्माण कर सकते है ?
- क्या अपराधी नेतागण अपराध को रोकने का कानून बना सकते है ?
- क्या सत्तारूढ़ पार्टी के पास अपने नेताओ के ऊपर लगे आरोपों को वापस लेने का अधिकार होना चाहिए ?
- क्या नेताओ के पास खुद के बेटे या रिश्तेदारों को ठेका देने का अधिकार होना चाहिए ?
क्लोजिएम प्रणाली में भाई - भतीजावाद ...
सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के जजों पर विश्लेषण कर लीजिए , एकदम मन चाहा नियुक्ति होती है , निश्चित नियम - कानूनों का घोर अभाव है ...
- निश्चित टाइम में न्याय मिल जाये , इसके लिए व्यवस्था करना चाहिए
- पारदर्शी तरीके से जजों की नियुक्ति होनी चाहिए
- अहम फैसलों का लाइव टेलीकास्ट होना चाहिए
- ऐसे विद्यालयों को बंद कर देना चाहिए जो गांव - देताह में बनाये गए है और केवल परीक्षा के दिन खुलते है
- सरकारी विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था करके , नियमित निगरानी करवाना चाहिए , अध्यापकों की बायोमैट्रिक हजारी होनी चाहिए
- थ्योरी के जगह पर प्रैक्टिकल पर फोकस होना चाहिए
- बच्चे पढ़ाई तो कर लेते है लेकिन उनको ये नहीं पता होता है कि इन चीजों का उपयोग कब और कैसे करना है
- बच्चे बहुत मेहनत से प्रेक्टिकल की कापियां व फ़ाइल तैयार करते है और शिक्षक एग्जाम के दिन उस पर हस्ताक्षर करके उस फ़ाइल को रद्दी में बेच देते है
- समझने से अधिक रटने और पास होने पर ध्यान दिया जाता है
- एक क्लास में एक टीचर के भरोसे 60 - 60 बच्चे होते है मतलब 40 मिनट के बेल में एक बच्चे के ऊपर 1 मिनट भी ध्यान नहीं दिया जाता है
★ मूलभूत कानूनों व संवैधानिक व्यवस्थाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से सभी विषय वर्ग के विद्यार्थियों को दिया जाना चाहिए .
ऐसे तमाम छोटे - छोटे किंतु महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से ही सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है ।
" Instagram 🆔 Bhartendu Vimal Dubey "
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