Thursday, 23 January 2020

क्या CAA और NRC में अटूट सम्बंध है ?

  क्या CAA और NRC एक दूसरे से सम्बंधित है ? 
मैं यहाँ मान करके चल रहा हूँ कि आपको CAA 2019 की मूलभूत बाते पता होगी । 
◆ CAA 2019 लाने की जरूरत इसीलिए पड़ी क्योकि असम के NRC में अधिकांश गैर मुस्लिम बाहर हुए थे ।
 ( इस सम्बंध में आप मेरे पुराने ब्लॉग्स को पढ़ सकते है ) 
● गृह मंत्री अमित शाह ने समझाते हुए कहा था कि पहले हम CAB के द्वारा 6 गैर मुस्लिम समुदाय ( जैन, पारसी, बौद्ध, हिन्दू, ईसाई, सिख ) के शरणार्थियों को नागरिकता देंगे और फिर NRC के द्वारा घुसपैठिए को बाहर करेंगे . 
अब आप एक मिनट ठरह के सोचिए कि अमित शाह कहना क्या चाहते है ? 
तो क्या अमित शाह का मतलब है कि गैर मुस्लिम घुसपैठिए को भी नागरिकता मिलेगा और शरणार्थी मुसलमान भी घुसपैठिए है ? 
◆ कुछ लोगो के अनुसार अगर कोई अब्दुल खान और भारतेन्दु दुबे NRC में अपनी नागरिकता नहीं साबित कर पायेगा तो दोनों से नागरिकता के सारे अधिकार छीन लिए जाएंगे और उन्हें डिटेंशन कैम्प में डाल दिया जाएगा लेकिन CAA के माध्यम से भारतेन्दु दुबे को वापस भारत की नागरिकता मिल जाएगी लेकिन अब्दुल खान को नहीं । 
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 सवाल :- सबसे पहले CAA और NRC में सम्बंध किसने बताया ? 
जबाब :- तत्कालीन भापज अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 
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सवाल :- क्या असम में NRC से बाहर हुए गैर मुसलमानों को नागरिकता देने के लिए CAA लाया गया है ? 
जबाब :- गृह मंत्री और भाजपा के अनुसार " हाँ  "
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सवाल :- प्रधानमंत्री ने कहा है कि NRC की चर्चा नहीं हुई है 
जबाब :- प्रधानमंत्री ने झूठ कहा था क्योकि NRC की चर्चा संसद में गृह मंत्री ने किया था । 
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सवाल : प्रधानमंत्री और गृह मंत्री में से कौन सही बोल रहा है ? 
जबाब : हमे मौखिक बातो पर विश्वास नहीं करना चाहिए । 
हमे गृह मंत्रालय और सरकार के वेबसाइट , सरकारी पत्र , न्यायालय के आदेश या संसद के रिकॉर्ड पर विश्वास करना चाहिए । 
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सवाल : अभी तो NRC का ड्राफ्ट वैगरा नहीं हुआ है तो विरोध प्रदर्शन क्यो ? 
जबाब : तो महामहिम राष्ट्रपति के लिखित अभिभाषण पर विश्वास ना करे ? संसद के रिकॉर्ड पर विश्वास ना करे ? 
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मैं यहाँ किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँचना चाहता हूँ, आप खुद एक बार तीन पेज का " CAA 2019 " कानून पढ़ लीजिए और गृह मंत्री और प्रधानमंत्री के भाषणों में तुलना कर लीजिए , ध्यान रहे कि मोदी जी ने CAA पर संसद में हुए बहस में बिल्कुल भी हिस्सा नहीं लिया था , CAA गृह मंत्री ने पेश किया था और अमित शाह ने ही इस चर्चा पर जबाब भी दिया था , 
तो आप खुद तय कर ले किस पर विश्वास करे और किस पर नहीं ।
आप खुद से पढ़े और समझे फिर किसी निष्कर्ष पर पहुंचे 

नोट : आप अधिक जानकारी के लिए मेरे पुराने ब्लॉग्स भी पढ़ सकते है ।
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🙏 धन्यवाद 🙏 

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