Saturday, 1 August 2020

केवल बकरीद के समय ही जीव प्रेम क्यो ? हिन्दू मंदिरों में भी जनवरो की बलि दी जाती है । भारत की 70% जनसंख्या मांसाहारी है ।

जानवर भी सजीव होते हैं, उन्हें भी जीने का हक है; 
मैं आपके इस तर्क से पूर्णतः सहमत हूँ 
लेकिन मुझे समझ नहीं आता है कि साल के 365 दिनों में आपका पशु प्रेम केवल बकरीद के दिन ही क्यो जागृत होता है ? 
क्या बाकी दिन मांसाहारी होटलों में ताला लगा होता है ?
या आप ये सब किसी प्रोपेगैंडा के तहत करते है ? क्योकि भारत के तमाम हिन्दू मंदिरों में भी जानवरों की बलि दी जाने की प्रथा है । 

आइए मैं आपको कुछ बेहद ही चौकाने वाले फैक्ट्स से रूबरू करवाता हूँ :- 
1. बेसलाइन सर्वे 2014 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 15 साल से अधिक उम्र की 71% आबादी मांसाहारी भोजन का सेवन करती हैl इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 71.6 फीसदी पुरुष और 70.7 फीसदी महिलाएं मांसाहारी हैं । 

बहरहाल, 
2. भारत के किसी भी शहर में किसी से भी अगर आप पूछते हैं कि आप वेज हैं या नॉन-वेज, तब कई ऐसे जवाब मिलेंगे जो हैरान करने वाले हो सकते हैं.

क्या ये चौंकाने वाला जवाब नहीं है, मनीला दुबे कहती हैं कि वो शाकाहारी हैं लेकिन सिर्फ़ चिकेन खाती हैं.

2003 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य संगठन ने एक सर्वे किया था जिसके मुताबिक भारत में 42 फीसदी लोग शाकाहारी हैं और इसके पीछे आर्थिक और धार्मिक कारण हैं. 

3. सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ़ डेवलपमेंट के डायरेक्टर संजय कुमार और इनके साथ योगेंद्र यादव ने 2006 और 2015 में ऐसा ही एक सर्वेक्षण कराया था जिसमें कई सारी बातें सामने आई थीं.

 कुछ ऐसे "पाखण्डी" लोग भी मिले जो प्याज़ लहसुन तो नहीं खाते लेकिन अंडा खा लेते हैं. 

आम धारणा है कि भारत एक शाकाहारी देश है लेकिन इस सर्वेक्षण से ये साफ़ निकल कर आता है कि भारत में मांसाहारी लोग 60 प्रतिशत हैं जबकि शाकाहारी 35 से 40 प्रतिशत हैं.  

क्या आपको पता है कि तमाम हिन्दू मंदिरों में भी जानवरों की बलि दी जाती है । 


नोट :- ऑप इंंडिया ( Op India ) एक एक "राइट विंगर" वेबसाइट है जो हिन्दू विचारधारा को फैलाने व भाजपा के सपोर्ट के लिए जाना जाता है ( आप इस वेबसाइट के विषय में विकिपीडिया पर भी पढ़ सकते हैं । 

देखिए ये वेबसाइट कैसे हिन्दू मंदिरों में बलि देने की प्रथा को रोकने के लिए त्रिपुरा हाइकोर्ट की टिप्पणी पर कैसे अपनी भड़ास निकाल रहा है । 

◇ गुवाहाटी के कामख्या मंदिर के विषय में पढ़ करके आप एकदम चौक जाएंगे । 

गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में आज भी बकरे और भैंसे की बलि दी जाती है . देश में ऐसे मंदिरों की संख्या बहुत है , जहां बलि देकर देवी-देवता को प्रसन्न करने की परंपरा है . 

जो लोग हर साल बकरीद के मौके पर जीव -हत्या का दर्शन बघारने आ जाते हैं , उन्हें मंदिरों में ये बंद कराना चाहिए ... 

नोट :- हमारा उद्देश्य किसी के भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है । हमारा कहना केवल इतना है कि जीव प्रेम के आड़ में किसी धर्म / समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है । 

धन्यवाद 

भारतेन्दु विमल दुबे

देखिए कोरोना फैलने के लिए मीडिया ने मुस्लिम समाज को किस तरीके से जिम्मेदार ठहराया था 

क्या मीडिया ने सही किया था

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