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आइए तीनो संक्षिप्त में तीनों के विषय मे जाने -
1. Rapid Antigen TEST :- यह लैब के बाहर किया जाने वाला टेस्ट है - इसका इस्तेमाल टेस्ट के नतीजे को तुरंत जानने के लिए किया जाता है ।
कोविड-19 SARS-CoV-2 वायरस से होता है ।
इस टेस्ट में SARS-CoV-2 वायरस में पाए जाने वाले एंटीजन का पता चलता है. टेस्ट के नतीजे में एंटीजन की मौजूदगी कोरोना के संभावित संक्रमण का लक्षण है.
एंटीजन वो बाहरी पदार्थ है जो कि हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को एंटीबॉडी पैदा करने के लिए एक्टिवेट करता है. एंटीबॉडी बीमारियों से लड़ने में कारगर साबित होता है. एंटीजन वातावरण में मौजूद कोई भी तत्व हो सकता है, जैसे कि कैमिकल, बैक्टीरिया या फिर वायरस. एंटीजन नुकसानदेह है, शरीर में इसका पाया जाना ही इस बात का संकेत है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को एक बाहरी हमले से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाने पर मजबूर होना पड़ा है.
मतलब अगर आपके शरीर मे एंटीजेन है तो आप कोरोना पॉजिटिव है और अगर आपके शरीर मे एंटीजेन नहीं है तो आपको कोरोना नहीं है ।
2. एंटी बॉडी टेस्ट :- यह एंटीजन व PCR दोनों से अलग है ।
एंटी बॉडी टेस्ट खून का सैंपल लेकर किया जाता है - इसलिए इसे सीरोलॉजिकल टेस्ट ( सिरो सर्वेे ) कहते हैं ।
इस टेस्ट में संक्रमण के बाद एंटीबॉडी बनने का लक्षण पता चलता है. एंटीबॉडी शरीर का वो तत्व है, जिसका निर्माण हमारा इम्यून सिस्टम शरीर में वायरस को बेअसर करने के लिए पैदा करता है. संक्रमण के बाद एंटीबॉडीज बनने में कई बार एक हफ्ते तक का वक्त लग सकता है, इसलिए अगर इससे पहले एंटीबॉडी टेस्ट किए जाएं तो सही जानकारी नहीं मिल पाती है. इसके अलावा इस टेस्ट से कोरोना वायरस की मौजूदगी की सीधी जानकारी भी नहीं मिल पाती है. इसलिए अगर मरीज का एंटी बॉडी टेस्ट निगेटिव आता है तो भी मरीज का RT-PCR टेस्ट करवाया जाता है.
3. RT - PCR टेस्ट :- इस टेस्ट को कोरोना की पहचान के लिए WHO व ICMR ने गोल्ड स्टैंडर्ड फ्रंटलाइन टेस्ट कहा है मतलब इसको सबसे बढ़िया वाला टेस्ट माना जाता है ।
ये टेस्ट लैब में ही किया जाता है .
इस टेस्ट में निगेटिव रिजल्ट तभी आता है जबकि मरीज के शरीर में वायरस मौजूद नहीं रहते हैं.
निष्कर्ष :-
1. एंटीबॉडी टेस्ट ( खून वाला ) केवल सर्वे करने के लिए किया जाता है कि पर्टिकुलर एरिया में कितनो लोगो को कोरोना हो चुका है ।
जैसे कि दिल्ली व महाराष्ट्र सरकार ने सिरो सर्वे करवाया था ।
2. मोटे तौर पर समझे तो एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आया व्यक्ति नेगेटिव नही हो सकता है
किंतु नेगेटिव आया व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हो सकता है * इसलिए अगर मरीज का एंटीजन टेस्ट निगेटिव आता है तो भी मरीज का RT-PCR टेस्ट करवाया जाता है* ।
3. RT - PCR टेस्ट में पॉजिटिव आया व्यक्ति पॉजिटिव ही होता है और नेगेटिव आया व्यक्ति नेगेटिव ही होता है । 💯
समझे ?
★ एंटीजेन व PCR दोनों टेस्ट में संभावित मरीज के नाक के छेद या गले से स्वाब लिया जाता है ।
तीनो प्रकार के टेस्ट में कोविड -19 पॉजिटिव बताया गया व्यक्ति वास्तव में पॉजिटिव ही होता है ।
Note :- RT-PCR कोरोना टेस्टिंग की महंगी प्रणाली है. इसमें सैंपल से RNA निकालने वाली मशीन की जरूरत पड़ती है. इसके लिए एक प्रयोगशाला और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की भी जरूरत पड़ती है. इस टेस्ट को करने में लैब में ही 4 से 5 घंटे का समय लगता है. इसकी लागत भारत में 4500 रुपये के करीब आती है. इसीलिए उत्तर प्रदेश सहित तमाम राज्य सरकारों के द्वारा एंटीजन टेस्ट पर अधिक जोर दिया जा रहा है ।
इस ब्लॉग में मौजद जानकारियों का सोत्र :- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), PGI लखनऊ, BBC व NDTV
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धन्यवाद
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