Tuesday, 11 February 2020

All About CAA, NPR, NRC Combination In Hindi Part 3

उत्तर भारत मे CAA का विरोध 

अगर आप CAA को NRC से अगल करके देखेंगे तो आपको निम्नलिखित एक दिक्कत ही मिलेगा ।

 भारतीय संविधान के अनुसार भारत में कोई भी कानून धर्म के आधार पर नहीं बन सकता है इसीलिए मुसलमानों व पारसियों को आरक्षण नही मिला था और इस कानून में साफ - साफ धर्मो का उल्लेख है ।

इस कानून के बाद मुस्लिम समेत अन्य अल्पसंख्यक समुदाय धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग कर सकता है ।।

[ वैसे किसी कानून के संवैधानिक या असंवैधानिक होने का फैसला भारत की तथाकथित स्वत्रंत न्यायपालिका करती है ]
【 श्रीमती इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा किया था और न्यायपालिका ने उसे संवैधानिक घोषित किया था फिर लोगो ने विशेषकर JP ने आपातकाल का घोर विरोध किया था 】
दूसरी तरफ अगर आप गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों पर ध्यान देंगे तो आप पाएंगे कि CAA , NPR और NRC तीनो एक दूसरे से सम्बंधित है ।

   असम व पूर्वोत्तर भारत मे CAA का विरोध

  पूर्वोत्तर भारत विशेष रूप से असम की स्थिति इस से अलग है आप मेरे पुराने ब्लॉग्स में पढ़ सकते है कि किस तरह से CAA का विवाद पूर्वोत्तर भारत के लिए और उत्तर भारत के लिए अलग अलग है ।

आर्टिकल-14 : समानता का अधिकार

भारत के संविधान में यह कहा गया है कि राज्य, भारत के राज्य क्षेत्र में किसी व्यक्ति को कानून के समक्ष समता से या कानून के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा. भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 के हिसाब से इसका मतलब यह है कि सरकार भारत में किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं करेगी.

Keys :-

 * CAB 2019 = नागरिकता संसोधन बिल 2019 / Citizenship Abetment Bill 2019

* संसद से पारित होने के बाद और महामहिम राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद CAB , CAA हो गया है

CAA 2019 = नागरिकता संसोधन कानून 2019 / Citizenship Abetment Act 2019

" Bhartendu Vimal Dubey "

हिंदुओं को भी #CAA2019 का विरोध करना चाहिए क्योंकि अगर मुसलमानों को छोड़ भी दे तो #caa तमाम हिन्दू शरणार्थियों के भी खिलाफ है ।

1.  ऐसे हिंदुओं को इससे क्या लाभ होगा जो अन्य राज्यो से जा करके असम में बसे थे और #NRC से बाहर हो गए थे ।

2.  तमिल हिन्दू शरणार्थियों को इस कानून से क्या लाभ होगा ?

3.  क्या इस कानून के पहले ऐसा कोई कानून नहीं था जिससे शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जा सके ?

4.  असम जैसे कुछ राज्यो को भारतीय संविधान द्वारा विशेष सरंक्षण दिया गया है जिसके अंतर्गत किसी भी कानून द्वारा वहाँ पर किसी भी घुसपैठियों को नागरिकता नहीं दिया जा सकता है क्योंकि पूर्वोत्तर भारत मे हिन्दू / मुस्लिम से अधिक स्थानीय संस्कृति का महत्व है ।

और भी बहुत सारे कारण है इस कानून के विरोध का !!

 ★ याद रखें कि किसी कानून के खिलाफ या सरकार के खिलाफ बोलना देशद्रोह नहीं होता है ।

 :- #BhartenduVimalDubey

बीजेपी व गोदी मीडिया कह रही है कि CAA से किसी भी भारतीय का कुछ लेना देना नहीं है ... अरे ये तो हम सबको पता है तीन पेज का CAA कानून है सब लोग पढ़े है ...

 मुख्य मुद्दा यह कि खुद गृह मंत्री ने कहा था कि CAB के ठीक बाद NRC आएगा ( CAB अब CAA है )

 ★ जो गैर मुस्लिम NRC में नागरिकता साबित नहीं कर पाएंगे उन्हें CAA का लाभ होगा और उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगा लेकिन ऐसे मुसलमानों का क्या जो नागरिकता नहीं साबित कर पाएंगे ?

उन्हें शरणार्थी कैम्प में भेज दिया जाएगा , उनके जमीन , घर आदि सरकार द्वारा जब्त कर लिया जाएगा !!

■  नोटबन्दी तो याद ही होगा ??  किस तरह सभी लोगो को लाइन में लगना पड़ा था ?

 खैर लाइन में तो सबको लगना पड़ेगा चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम !!

◆ NRC से सबसे अधिक समस्या किसको होगा ?

अनाथालय में रह रहे बच्चे अपनी नागरिकता कैसे साबित करेंगे ?

 झुग्गी बस्तियों में रहने वालों के पास कागज कहाँ से आएगा ?
तो क्या सरकार इन सभी दलित - बंचित लोगो को शरणार्थी कैम्प में मरने के लिए छोड़ देगी ?

और भी बहुत सारी समस्याएं है

 कितना खर्चा होगा ?

 अर्थव्यवस्था नेगेटिव में चला जायेगा !!

Thank You

#BhartenduVimalDubey

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