Monday, 11 May 2020

भारत में कोरोना का सफर / महाराष्ट्र व गुजरात की स्थिति एक जैसी ?

भारत में कोरोना का सफर जनवरी से मई तक ... 
महाराष्ट्र व गुजरात की स्थिति में क्या अंतर है ? 
क्या सरकारें अपनी गलती को स्वीकार करेंगी ? 
आखिर सभी पार्टियों की सरकारे मजदूरों को भोजन क्यो नहीं करवा पा रही है ? 

भारत में कोरोना का पहला मरीज़ कब मिला मिला था ?
क्या केरल में पहला कोरोना मरीज़ मिलने के बाद मोदी सरकार, राज्य की सरकारें, मीडिया, गोदी मीडिया या हम लोग सचेत हुए थे ?
क्या भारत में कोरोना के लिए केवल "जमात" जिम्मेदार है ?
क्या कोरोना को फैलाने में "नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम" का कोई रोल नहीं है ?

देखिए
2 अप्रैल 2020 को भारत मे कितने कम केस थे !!

रविश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर, प्राइम टाइम में, देस की बात में तमाम तरह के प्रश्न उठाए हैं । कुछ अन्य पत्रकारों, विशेषज्ञों आदि ने भी तरह - तरह प्रश्न उठाए है, सुझाव दिए हैं लेकिन शायद ये लोग भी जनवरी , फरवरी में चुप थे या कदाचित सूचना तंत्र इतना भ्रष्ट हो चुका है कि हम तक कुछ गिने चुने सूचनाएं ही आती है ।
ठहरिए ...
हम सब चीजो के लिए केवल भाजपा सरकार को दोष नहीं दे सकते हैं क्योकि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहाँ भी वही हाल है जो भाजपा शासित राज्यों में है ।

कांग्रेस गठबंधन शासित प्रदेश महाराष्ट्र और वर्षों से नरेंद्र मोदी भाजपा के अधीन रहा गुजरात :-
 दोनों राज्यो में कुछ खास अंतर है क्या ? दोनों राज्य कोरोना के मामले में पहले और दूसरे स्थान पर है । दोनों राज्यो में पलायन भी तेजी से हो रहा है ।
हम नागरिक है इसीलिए हमे महाराष्ट्र और गुजरात दोनों सरकारों के दोषों को उजागर करना चाहिए ।
मानवता, जीवन, परोपकार, देशप्रेम से बड़ा किसी की अंधभक्ति या चमचागिरी नहीं हो सकता है ।


गरीबो के संतान भी बहुत होते है, गरीब अशिक्षित भी होते है
पलायान के बहुत कारण होंगे ..
खैर आपको / हमको / हम सभी को शिक्षित होना होगा ..
जागरूक होना होगा ...
अपना और अपना का ख्याल रखिए 🙏
यथासंभव गरीबों की मदद करते रहे 🙏

धन्यवाद
भारतेन्दु विमल दुबे 

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