Thursday, 30 July 2020

अंधभक्तो का "नेहरू ज्ञान"

मैंने अपने व्हाट्सएप स्टेटस में लिखा कि "हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है" 
तो पढ़िए मेरे एक मित्र ने मुझे क्या रिप्लाई दिया :- 

मैं : हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है
भक्त : होता अगर सरदार पटेल व गांधी ना होते
मैं : तो कौन होता
भक्त : जो शहीद हुए थे
मैं : नाम बताओ कौन
भक्त : तुम कलंक हो 
मैं : अच्छा 
भक्त : नेहरू ( गाली देते हुए ) ना होते तो पाकिस्तान ना होता , गांधी को गाली
मैं : ऐसा कहा लिखा है ?
भक्त : हर जगह लिखा है
मैं : बुक नेम / वेबसाइट लिंक 

तब से उसने मेरे किसी मैसेज का रिप्लाई ही नहीं दिया 

ये रहा चैट का स्क्रीनशॉट 👇 
नोट : हमने कही पर भी "निजता के नियम" का उलंघन नहीं किया है ।
हम "प्रेस से सम्बंधित" नियमों का पालन करते हुए ही अपने "अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता" का उपयोग करते हैं ।

जाते - जाते मेरे यूट्यूब पर "फैक्ट चेक" करने का तरीका देखते जाइए 👇 

धन्यवाद 

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