Saturday, 17 October 2020

CM की कुर्सी एक , मौकापरस्त गठबंधन 4 और मुख्यमंत्री पद का दावेदार पूरा बिहार :- विधानसभा चुनाव 2020 में किसको वोट देंगे मतदाता ?

जो पार्टीयां अपने दम पर एक भी सीट ना जीत पाती हो, वे लोग ( पार्टी ) भी गठबंधन किए घूम रहे है । 
मने जीरो में जीरो जोड़ने से का मिलता है ? 
जोने पार्टी के नाम, अध्यक्ष का नाम उनके छोड़ के अउर कीहु के ना मालूम हो , वुहो मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बन के घुमत बा .. अरे घुमा घुमा .. के रोकत बा ई सबकर संवैधानिक अधिकार होए ... 
चला ठीक बा अब से भारतेन्दु विमल दुबे भी बिहार मुख्यमंत्री पद का दावेदार है , खुश ना ? 
अरे ऐसे ही तो पुष्पम प्रिया जी ने किया है ... ठीक ठीक , उन करे बारे में पेपरे में आइल रहे ... और हम यहाँ ब्लॉग में लिखत ही .. अरे हमरे लगे उतना पैसा होत तो हमहू पेड न्यूज छपवा देते , पेड इंटरव्यू की व्यवस्था करवा देते । 
फ़ोटो में भावी मुख्यमंत्री लोगन बाटे - पप्पू यादव, तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार, चिराग पासवान, पुष्पम प्रिया चौधरी और उपेंद्र कुशवाहा । 
फ़ोटो में हम नाही बाटी, लेकिन हमहू होखी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और भी लोग होंगे ही "स्वघोषित" । 

अरे फेमनिस्ट लोगन हम लड़की होने के लिए "प्रिया" जी को टारगेट नहीं कर रहे है, लड़कियां अन्य क्षेत्रों के साथ राजनीति में भी आए अच्छी बात है, लड़कियां लड़को से बेहतर ही होती है किंतु 
सवाल यह है कि इन सभी उम्मीदवारों में से कितने लोगों ने प्रवासी बिहारी मजदूरो की मदद की थी ? 
काहे भूल गइला का की कईसे मजदूर लोग ट्रेन के नीचे दब गए थे ?
 तो क्या एक "शीशी" पर आप सब भूल जाएंगे ? 
जितना खर्चा पुष्पम प्रिया विज्ञापन व पेड इंटरव्यू पर खर्च कर रही है, उतने में तो कितनो की मदद कर दी होती
हाँ, यह सही है कि पप्पू यादव ने लोगो की बहुत मदद की थी । 
बाकी तेजस्वी यादव तो बिहार में ही नहीं थे, कहीं और AC कमरे में बैठ करके केवल ट्वीट ट्वीट खेल रहे थे । 
यूथ कांग्रेस को छोड़ दे तो बाकी कांग्रेस वाले भी गायब ही थे । 
नीतीश कुमार तो भूल ही गए थे कि मैं मुख्यमंत्री हूँ । 
सुशील मोदी तो बेचारे बाढ़ आने पर इतने घबरा जाते है कि सुरक्षा कर्मियों के ऊपर लद करके सड़क पार करते है । 
चिराग पासवान तो अपने पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान की तरह ही है "पानी" जिस वर्तन में डालो उस जैसा, "बिन पेंदी का लोटा" । 
उपेंद्र कुशवाहा ने मदद की थी ये तो शायद उनको ही ना पता हो । 
कन्हैया कुमार तो केवल सभाओं में "हू हा हू हा" करना होता है तभी दिखते है, भीम आर्मी वाले रावण का भी लगभग यही हाल है । 
सोनू सूद राजनीति में ना होते हुए भी लोगो की बहुत मदद की थी । 
अब ऐसे में बिहारी जनता किस पार्टी को वोट दे ? 

आइए एक बार कौन सा पार्टी कितने सीटो लड़ रहा है, जान ले - 
1. UPA / महागठबंधनराष्ट्रीय जनता दल ( RJD ) 144 सीटों पर, कांग्रेस ( INC ) 70 सीटों पर, वाम दल ( Left ) कुल 29 सीटों पर (भाकपा माले 19, सीपीआई 6 और सीपीएम 4 सीटों पर) चुनाव लड़ेंगे :- 
तेजस्वी यादव इसी गठबंधन के तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार है । कन्हैया कुमार CPM के ही नेता है । 
शत्रुघ्न सिन्हा का बेटा व सोनाक्षी सिन्हा का भाई लव सिन्हा और AMU के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष मस्कुर उस्मानी कांग्रेस से MLA उम्मीदवार है । 
JNU छात्रसंघ, लेफ्ट, Anti Fascists सभी इसी गठबंधन का समर्थन कर रहे है । 

2. NDA - जनता दल यूनाइटेड ( JDU ) 115 सीटों पर, भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) 110 सीटो पर, मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी ( VIP ) 11 सीटो पर और जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ( HAM ) 7 सीटों पर लड़ेगी । 
नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार है । 

3. लोक जनशक्ति पार्टी ( LJP ) भाजपा के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी, अतः ये भी 122 सीटों पर JDU के खिलाफ लड़ेगी
  नीतीश कुमार को किनारे करने के लिए भाजपा की गुप्त सहयोगी ? 

4. प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस -
 चंद्रशेखर आजाद रावण की आजाद समाज पार्टी + पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी । 
यह गठबंधन तेजस्वी धड़े के लिए वोट कटवा साबित हो सकता है । 

5. ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट :- 
इस गठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा की RLSP, मायावती की BSPदेवेंद्र प्रसाद यादव की जनवादी सोशलिस्ट पार्टी , समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक, सुहैलदेव भारतीय समाज पार्टी और AIMIM शामिल है । 
ओवैसी की पार्टी AIMIM जिसके नाम मे ही मुस्लिमीन जुड़ा हुआ है, वो भी इस "सेक्युलर" फ्रंट का हिस्सा है, इससे बड़ा हास्यास्पद बात और क्या हो सकती है ?
 यह गठबंधन भी तेजस्वी धड़े को नुकसान और BJP + को फायदा पहुँचाएगी । 

6. पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव (Sharad Yadav) की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) ने इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है । 
LJD उपेंद्र कुशवाहा वाले गठबंधन में भी शामिल हो सकती है । 
गौरतलब हो कि शरद यादव की बेटी सुभाषिनी राज राव ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है । 
- हमने शीर्षक में मौकापरस्त शब्द का इस्तेमाल इसीलिए किया है 👇 
देखिए YouTube पर - गंगाधर ही शक्तिमान है . 

7. प्लुरल्स पार्टी की प्रिया चौधरी स्वघोषित सीएम फेस हैं । 
प्लूरल्स ने पहले चरण के चुनाव के लिए 61 उम्मीदवार खड़े किए थे, जिनमें से अब सिर्फ 33 ही मैदान में बचे हैं . बाकी के "परचे" खारिज हो गए । 

8. और भी कोई गुमनाम पार्टी या गठबंधन चुनाव लड़ रहा हो तो हमे नहीं पता ... हाँ, निर्दलीय व डमी तो सभी चुनावों में ताल ठोकते ही है । 
आम आदमी पार्टी "चुनाव" नहीं लड़ रही है । 

नोट -  बिहार में प्रथम चरण में 71 विधानसभा सीटों पर 28 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए कुल 1354 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे, जिनमें दस नामांकन पत्र ऑनलाइन भी दाखिल किए गए थे। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 264 नामांकन पत्रों को रद्द कर दिया गया । 

अतः अब  कुल 1,066 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं . इनमें से 319 प्रत्याशी पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. 

दूसरे चरण में 94 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को और तीसरे चरण के लिए 78 विधानसभा क्षेत्र में 7 नवंबर को मतदान होगा । 

आशा ही नहीं, मुझे पूर्ण विश्वास है कि लोग सड़क, बिजली, शिक्षा जैसे मुद्दों पर ध्यान नहीं देंगे और 
शीशी या चंद रुपयों पर अपने वोट बेच देंगे । 
वैसे भी हमारे यहाँ के लोगो के लिए सड़क, पानी, "विकास" से अधिक जरूरी जाति, बिरादरी व धर्म है ना ?
 


Facebook Page - Bhartendu Vimal Dubey 

कमेंट जरूर कीजियेगा । 
सोत्र - NDTV इनपुट 
विश्लेषण - भारतेन्दु विमल दुबे 
🙏🏿 धन्यवाद 🙏🏿

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