2. पिछले कुछ वर्षों के दौरान राष्ट्रीय सैंपल सर्वे के आंकड़ों से पता चला है कि देश में मांसाहार करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। साल 2011-12 के राष्ट्रीय सैंपल सर्वे के आंकड़ों से पता चला कि देश में करीब 8 करोड़ लोग, यानी औसतन हर 13 में से एक भारतीय बीफ भी खा रहा था। पता चला कि इन 8 करोड़ लोगों में से 7 प्रतिशत सवर्ण सहित करीब सवा करोड़ लोग हिंदू थे। इसके बाद हुए सर्वे से पता चला कि मांसाहारियों की संख्या में और भी ज्यादा वृद्धि हुई है और शाकाहारियों का अनुपात सिर्फ 23 से 27 प्रतिशत रह गया है।
3. नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे में साल 1992-93 में हिंदू परिवारों में प्रजनन दर 3.3 थी जो साल 2015-16 में 2.1 हुई है जबकि बात अगर मुस्लिम परिवारों की हो तो 1992-93 में मुस्लिम परिवारों में प्रजनन दर 4.4 थी जो 2015-16 में घटते घटते 2.6 हो गई है. इस हिसाब से मुसलमानों की प्रजनन दर जहां 40 प्रतिशत तक कम हुई है वहीं हिंदू परिवारों में ये कमी 27 प्रतिशत तक कम दर्ज की गई है. यानी कहा जा सकता है कि हिन्दू और मुस्लिम परिवार पिछले 22-23 सालों में प्रजनन दर को लेकर लगभग समानता की स्थिति में आ गए हैं.
4. भारतीय गणतंत्र में हिन्दू धर्म के बाद इस्लाम दूसरा सर्वाधिक प्रचलित धर्म है,[5] जो देश की जनसंख्या का 14.2% है (2011 की जनगणना के अनुसार 17.2 करोड़)।
5. भारत मे मुसलमानों की आबादी कुल जनसंख्या का मात्र 14 से 15 % है जबकि मांसाहारी भोजन करने वाली की संख्या 70% से अधिक है
जबकि कई सर्वे में अंडे को शाकाहारी में रखा जाता है ।
कॉपी राइट : हम सर्वे के डाटा का उपयोग कर सकते हैं ।
धन्यवाद
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