आखिर सबकुछ ( नेम, फेम, प्रसिद्ध, धन - दौलत ) होने के बाद भी #सुशांत_सिंह_राजपूत ने #Sucide क्यों किया होगा ?
इस गम्भीर प्रश्न पर विचार करने से पहले #SushantSinghRajput को भावभीनी श्रद्धांजलि 🙏 #RIP
आइए अब हम कड़ी दर कड़ी इस भयानक समस्या पर विचार करें ...
हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर #दिशा_सलियन ने भी #मुंबई में 12वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली थी । वह मंगेतर संग मुंबई के मलाड में रहती थीं । घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें #बोरिवली के हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।
#सुसाइड या #आत्महत्या, जान-बूझकर खुद की जान लेने की कोशिश का नाम है। ज्यादातर लोगों की आत्महत्या के लिए कई तरह मेंटल डिसऑर्डर जैसे, डिप्रेशन, बायपोलर डिसऑर्डर , सिजोफ्रेनिया, पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, एंग्जाइटी डिसऑर्डर आदि जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा बहुत से लोग ज्यादा शराब पीने या नशे के शिकार होने के कारण भी आत्महत्या कर लेते हैं।
कुछ आत्महत्या के मामलों के पीछे इंसान की बेकाबू भावनाएं जिम्मेदार होती हैं। कई बार लोग स्ट्रेस, आर्थिक समस्याओं, #रिलेशनशिप की समस्याओं जैसे #ब्रेकअप या #प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड जैसे कदमों को उठा लेते हैं । सुसाइड का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जिन्होंने पहले कभी खुदकुशी की कोशिश की हो ।
आत्महत्या का किसी व्यक्ति की संपन्नता या विपन्नता से कोई संबंध नहीं है। इन दिनों तो हर आयु वर्ग में भी आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं ।
#विश्व_स्वास्थ्य_संगठन (#WHO) के मुताबिक दुनियाभर में हर साल करीब 8 लाख लोग #खुदकुशी करते हैं । इस हिसाब से हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति अपनी जान देता है । WHO के मुताबिक #भारत उन देशों में शामिल है जहां खुदकुशी की दर सबसे ज्यादा है । वैसे तो आत्महत्या की कोई विशेष उम्र नहीं है, लेकिन दुनियाभर में 15 से 29साल के लोगों के बीच आत्महत्या, मौत की दूसरी सबसे बड़ी वजह है । ये आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि #नौजवान आत्महत्या की ओर अधिक बढ़ रहे हैं।
#राष्ट्रीय_अपराध_रिकॉर्ड_ब्यूरो ( #एनसीआरबी ) की 2018 की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि भारतीयों में आत्महत्या करने की दूसरी सबसे बड़ी वजह बीमारी है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में कुल 1 लाख 34 हजार 516 लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें 23764 लोगों ने बीमारी से तंग आकर आत्महत्या की ...
विश्व स्वास्थ्य संगठन ( #डब्ल्यूएचओ ) के अनुसार भारत की 135 करोड़ की आबादी में 7.5 प्रतिशत (10 करोड़ से अधिक) मानसिक रोगों से प्रभावित हैं। वहीं भारत में एक लाख की आबादी पर 0.3 #मनोचिकित्सक, 0.07 #मनोवैज्ञानिक और 0.07 सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वहीं विकसित देशों में एक लाख की आबादी पर 6.6 मनोचिकित्सक हैं। मेंटल हॉस्पिटल की बात करें तो विकसित देशों में एक लाख की आबादी में औसतन 0.04 हॉस्पिटल हैं जबकि भारत में यह 0.004 ही हैं।
#टीवी_एक्टर #मनमीत_ग्रेवाल ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक तंगी की वजह से पिछले महीने खुदकुशी कर ली थी।
#टीवी_एक्ट्रेस #प्रेक्षा_मेहता ने भी #लॉकडाउन के दौरान इंदौर के घर में #फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पिछले महीने उनकी बॉडी सुबह पंखे से लटकी मिली थी। अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
आखिर "आत्महत्या" रूपी इस विकराल समस्या का समाधान क्या है ?
अपने मन से "छिछक" और "हिनता" के भावना को निकाल दे .. सभी के पास सब कुछ नहीं होता है, इस बात को समझने का प्रयास करें .. बेशक अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश करे, असफल होने पर फिर से प्रयास करे .. दिन में कम से कम एक बार अपने परिजनों से जरूर बात करें ..
एक - दूसरे के बातों को ध्यान से सुने और समझने का प्रयास करे ..
हमेशा एक ही काम ना करे मतलब लगातार बैठ करके ना तो मोबाइल चलाए और ना ही लगातार बैठ करके पढ़ाई करे ... हमेशा एक ही तरह के "चैनल" ना देखे ... हमेशा एक ही "पक्ष" को ना सुने
...
सुसाइड रोकने का सबसे कारगर उपाय आत्महत्या के साधनों जैसे हथियारों, दवाओं और जहर तक पहुंच को सीमित बनाना है । इसके अलावा किसी इंसान में आत्महत्या की भावनाएं मेंटल डिसऑर्डर और कुछ हद तक मानसिक प्रताड़ना की वजह से भी भड़क सकती हैं।
प्रत्येक वर्ष 10 सितंबर को #वर्ल्ड_सुसाइड_प्रिवेंशन_डे ( #WorldSuicidePreventionDay ) मनाया जाता है ।
याद रहे "खुदकुशी किसी भी समस्या का हल नहीं है"
यह पोस्ट #AdvocateManojKumarDubey के पेज से लिया गया है https://www.facebook.com/AdvocateManojKumarDubey/
धन्यवाद
#BhartenduVimalDubey
इस गम्भीर प्रश्न पर विचार करने से पहले #SushantSinghRajput को भावभीनी श्रद्धांजलि 🙏 #RIP
आइए अब हम कड़ी दर कड़ी इस भयानक समस्या पर विचार करें ...
हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर #दिशा_सलियन ने भी #मुंबई में 12वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली थी । वह मंगेतर संग मुंबई के मलाड में रहती थीं । घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें #बोरिवली के हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।
#सुसाइड या #आत्महत्या, जान-बूझकर खुद की जान लेने की कोशिश का नाम है। ज्यादातर लोगों की आत्महत्या के लिए कई तरह मेंटल डिसऑर्डर जैसे, डिप्रेशन, बायपोलर डिसऑर्डर , सिजोफ्रेनिया, पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, एंग्जाइटी डिसऑर्डर आदि जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा बहुत से लोग ज्यादा शराब पीने या नशे के शिकार होने के कारण भी आत्महत्या कर लेते हैं।
कुछ आत्महत्या के मामलों के पीछे इंसान की बेकाबू भावनाएं जिम्मेदार होती हैं। कई बार लोग स्ट्रेस, आर्थिक समस्याओं, #रिलेशनशिप की समस्याओं जैसे #ब्रेकअप या #प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड जैसे कदमों को उठा लेते हैं । सुसाइड का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जिन्होंने पहले कभी खुदकुशी की कोशिश की हो ।
आत्महत्या का किसी व्यक्ति की संपन्नता या विपन्नता से कोई संबंध नहीं है। इन दिनों तो हर आयु वर्ग में भी आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं ।
#विश्व_स्वास्थ्य_संगठन (#WHO) के मुताबिक दुनियाभर में हर साल करीब 8 लाख लोग #खुदकुशी करते हैं । इस हिसाब से हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति अपनी जान देता है । WHO के मुताबिक #भारत उन देशों में शामिल है जहां खुदकुशी की दर सबसे ज्यादा है । वैसे तो आत्महत्या की कोई विशेष उम्र नहीं है, लेकिन दुनियाभर में 15 से 29साल के लोगों के बीच आत्महत्या, मौत की दूसरी सबसे बड़ी वजह है । ये आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि #नौजवान आत्महत्या की ओर अधिक बढ़ रहे हैं।
#राष्ट्रीय_अपराध_रिकॉर्ड_ब्यूरो ( #एनसीआरबी ) की 2018 की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि भारतीयों में आत्महत्या करने की दूसरी सबसे बड़ी वजह बीमारी है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में कुल 1 लाख 34 हजार 516 लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें 23764 लोगों ने बीमारी से तंग आकर आत्महत्या की ...
विश्व स्वास्थ्य संगठन ( #डब्ल्यूएचओ ) के अनुसार भारत की 135 करोड़ की आबादी में 7.5 प्रतिशत (10 करोड़ से अधिक) मानसिक रोगों से प्रभावित हैं। वहीं भारत में एक लाख की आबादी पर 0.3 #मनोचिकित्सक, 0.07 #मनोवैज्ञानिक और 0.07 सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वहीं विकसित देशों में एक लाख की आबादी पर 6.6 मनोचिकित्सक हैं। मेंटल हॉस्पिटल की बात करें तो विकसित देशों में एक लाख की आबादी में औसतन 0.04 हॉस्पिटल हैं जबकि भारत में यह 0.004 ही हैं।
#टीवी_एक्टर #मनमीत_ग्रेवाल ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक तंगी की वजह से पिछले महीने खुदकुशी कर ली थी।
#टीवी_एक्ट्रेस #प्रेक्षा_मेहता ने भी #लॉकडाउन के दौरान इंदौर के घर में #फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पिछले महीने उनकी बॉडी सुबह पंखे से लटकी मिली थी। अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
आखिर "आत्महत्या" रूपी इस विकराल समस्या का समाधान क्या है ?
अपने मन से "छिछक" और "हिनता" के भावना को निकाल दे .. सभी के पास सब कुछ नहीं होता है, इस बात को समझने का प्रयास करें .. बेशक अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश करे, असफल होने पर फिर से प्रयास करे .. दिन में कम से कम एक बार अपने परिजनों से जरूर बात करें ..
एक - दूसरे के बातों को ध्यान से सुने और समझने का प्रयास करे ..
हमेशा एक ही काम ना करे मतलब लगातार बैठ करके ना तो मोबाइल चलाए और ना ही लगातार बैठ करके पढ़ाई करे ... हमेशा एक ही तरह के "चैनल" ना देखे ... हमेशा एक ही "पक्ष" को ना सुने
...
सुसाइड रोकने का सबसे कारगर उपाय आत्महत्या के साधनों जैसे हथियारों, दवाओं और जहर तक पहुंच को सीमित बनाना है । इसके अलावा किसी इंसान में आत्महत्या की भावनाएं मेंटल डिसऑर्डर और कुछ हद तक मानसिक प्रताड़ना की वजह से भी भड़क सकती हैं।
प्रत्येक वर्ष 10 सितंबर को #वर्ल्ड_सुसाइड_प्रिवेंशन_डे ( #WorldSuicidePreventionDay ) मनाया जाता है ।
याद रहे "खुदकुशी किसी भी समस्या का हल नहीं है"
यह पोस्ट #AdvocateManojKumarDubey के पेज से लिया गया है https://www.facebook.com/AdvocateManojKumarDubey/
धन्यवाद
#BhartenduVimalDubey

No comments:
Post a Comment