Sunday, 23 February 2020

CAA लाने की जरूरत क्यो पड़ी ? Last Blog on CAA, NPR, NRC

CAA 2019 लाने की जरूरत क्यो पड़ी ?

जैसा कि आपको पता है कि असम के NRC से 19 लाख लोग बाहर हो गए थे जिसमे से लगभग 15 लाख गैर मुस्लिम है , तो इन्ही गैर मुसलमानों को वापस भारत की नागरिकता देने के लिए धर्म के आधार पर नागरिकता संसोधन कानून 2019 लाया गया है
और पूरे देश के जितने भी गैर मुस्लिम NRC से बाहर होंगे, उन्हें CAA 2019 का लाभ होगा

[ नियम व शर्तें लागू / Terms & Condition Apply ]

लेकिन 
जो गैर मुस्लिम NRC से बाहर हो गए है उन्हें CAA 2019 का लाभ लेने के लिए साबित करना होगा कि वे पाकिस्तान, बंग्लादेश या अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक है । 

गौर करने वाली बात यह कि भारत के सभी राज्य अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से नहीं लगते है , तो ऐसे राज्यो के गैर मुस्लिम जो एनआरसी से बाहर हुए होंगे कैसे साबित करेंगे कि वे उन देशों के प्रताड़ित अल्पसंख्यक है * 

मतलब की जो गैर मुस्लिम सोच रहे हैं कि अगर हम NRC से बाहर भी हो गए तो CAA का लाभ ले लेंगे ,
उन्हें सोचना चाहिए कि वे अपने आप को उल्लेखित तीन देशों का शरणार्थी कैसे साबित करेंगे ? * 
* मतलब की अगर कोई गैर मुस्लिम NRC से बाहर हो गया तो उसे पहले खुद को शरणार्थी साबित करना होगा

* मतलब की सभी गैर मुस्लिमो को चाहे वे घुसपैठिए हो या शरणार्थी उन्हें इस CAA से भारत की नागरिकता नही मिलेगा ?

तमाम प्रश्न है ... 
क्या अन्य देश के घुसपैठिए अपने आप को इन तीन देशों के अल्पसंख्यक बता करके भारत की नागरिकता नहीं ले सकते है ? 
क्या मुस्लिम गैर मुस्लिम बन करके इस कानून का लाभ नहीं उठा सकते है ? 

अभी तक आपने क्या पढ़ा ?

1. नागरिकता संसोधन कानून 2003 के अनुसार "NPR और जनगणना" एक नहीं है, दोनों अलग अलग प्रोसेस है ।
2. इसके पहले भी देश मे NPR हुआ था लेकिन इस बार के NPR और कांग्रेस के टाइम के NPR के प्रश्नों में अंतर है । 
3. कानून के अनुसार , NPR ही NRC का पहला चरण है । 
4. अभी तक केवल असम में ही NRC हुआ है ।
5. गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार कुछ शर्तो के साथ CAA और NRC में सम्बन्ध है । 
6. NPR के डाटा का NRC में इस्तेमाल होगा या नहीं , इस विषय में भी अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला है , कानून कुछ और कहता है और मौजूदा हुकूमत कुछ और ! 
7. NRC के वक्त कौन से डॉक्यूमेंटस लगेंगे ? 
8. क्या पूरे देश में असम के तर्ज पर ही NRC होगा ? मतलब की क्या वंशावलि से अपनी नागरिकता साबित करना होगा ? 
9. गृह मंत्री अमित शाह संसद में स्पष्ट रूप से कह चुके है कि पूरे देश मे NRC आएगा ! 
जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक चुनावी सभा मे कहे थे कि अभी NRC पर कोई चर्चा नहीं हुआ है । 
10. नागरिकता संसोधन कानून 2019 कोई नया कानून नहीं है बल्कि यह नागरिकता कानून 1995 में एक संसोधन मात्र है 
11. गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड, पैन कार्ड आदि नागरिकता का सबूत नहीं है । 
12.- कांग्रेस के समय भी देश में डिस्टेंशन सेंटर बना था और वर्तमान मोदी सरकार के समय भी डिस्टेंशन सेंटर बना है 
जबकि 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी सभा मे कहा था कि देश में कोई डिस्टेंशन कैम्प नहीं है । 
13.  CAA 2019 से पहले भी लोगो को नागरिकता मिलती थी क्योकि देश मे नागरिकता कानून वर्ष 1995 से ही मौजूद है । 
14.  असम के जो हिन्दू NRC से बाहर हो गए है क्या उन्हें CAA 2019 के द्वारा भारत की नागरिकता मिल जाएगी ?
15.  NRC में सभी गैर मुस्लिमों को भी अपनी नागरिकता साबित करना होगा ।
16.  अगर NRC से बाहर हुए गैर मुस्लिमों को CAA 2019 का लाभ लेना होगा तो उन्हें पहले अपने आप को उल्लेखित तीन देशों में से किसी एक देश का गैर मुस्लिम शरणार्थी साबित करना होगा ?
17.  वैसे भारत में अभी कोई शरणार्थी पालिसी नहीं है ।


{ नोट : हमे चुनावी सभा मे कहे बातो पर नही बल्कि संसद में कहे बातो पर विश्वास करना चाहिए 
हमे मौखिक बातो पर नहीं बल्कि लिखित बातों पर विश्वास करना चाहिए }

आप से निवेदन है कि आप व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के बातो पर विश्वास ना करे ,
खुद से कानून को पढ़े और समझे
गूगल का भी इस्तेमाल करे

मेरे पुराने ब्लॉग्स को भी पढ़े ।

धन्यवाद
" भारतेन्दु विमल दुबे " 

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